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रीठी में धूमधाम से मनाया गया राम जन्मोत्सव, भजनों पर झूमे भक्त

_रामजानकी मंदिर में चल रही श्रीराम कथा_

कटनी, रीठी।। GANESH UPADHYAY VANDE BHARAT LIVE TV NEWS KATNI MP. IMG 20260109 WA0005 IMG 20260109 WA0004

रीठी नगर के श्रीराम जानकी मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन गुरुवार को भगवान श्रीराम जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम व उत्साह के साथ मनाया गया। कथा व्यास महंत सीताराम शरण जी महाराज ने भक्तों को श्रीराम के जीवन चरित्र से अवगत कराया। कथा व्यास ने बताया कि दस इंद्रियों को रथ बनाने वाले को दशरथ कहा गया। धर्म, निष्ठा और उपासना उनकी तीन रानियां थीं। चौथा पन आने पर भी भगवान प्रकट नहीं हुए। संतों के मार्गदर्शन पर यज्ञ किया गया और खीर से भगवान का प्राकट्य हुआ।

जीवन जितना मधुर होगा उतनी ही स्पष्टता से भक्ति और भगवान के दर्शन होंगे

कथा व्यास महंत सीताराम शरण जी महाराज ने खीर के तीन तत्वों का आध्यात्मिक महत्व श्रोताओं को समझाया। उन्होंने कहा दूध ज्ञान का प्रतीक है। चावल कर्म का और चीनी जीवन की मधुरता का प्रतीक है। जीवन जितना मधुर होगा, उतनी ही स्पष्टता से भक्ति और भगवान के दर्शन होंगे। कथा व्यास ने बताया कि भगवान अपने भक्तों से कहते हैं कि बुलाने पर वे चले आते हैं। जो लोग राम चरित्र को गाते या सुनते हैं, वे भगवान के पद को प्राप्त करते हैं।

अवधी गीत से गूंजा नगर

कार्यक्रम में जैसे ही भगवान का जन्म हुआ अवधी बधाई गीत और भजन गाए गए। जिससे पूरा नगर गूंज उठा। कथा पंडाल हर तरफ जय-जय श्रीराम के जयघोष सुनाई देने लगे। भजनों पर श्रोता भी जमकर झूमे। देखा गया कि रीठी नगर में चल रहे इस 22 वें धार्मिक आयोजन से समूचा क्षेत्र भक्तिमय नजर आ रहा है। प्रातः काल बेला में बड़ी संख्या में उपस्थित होकर श्रद्धालु पंडित डॉ रजनीश शास्त्री जी के सानिध्य में शिवलिंग निर्माण कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और दोपहर होते ही कथा का रसपान करने श्रोताओं का हुजूम उमड़ रहा है। कथा व्यास जी ने कहा कि इस तरह के आयोजन से क्षेत्र में भक्तिभाव का माहौल बढ़ता है जो सुखी जीवन का आधार है। IMG 20260109 WA0006 1

बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित

इस दौरान देश में प्रसिद्ध संकटमोचन धाम मुहांस मंदिर के पुजारी अवधेश दुबे, पंडा सरमन पटेल, पारषराम गुप्ता,भारत सिंह शिक्षक, हेमराज बघेल, धनश्याम गुप्ता, योगेश तिवारी बीआरसी, अतुल बडगैया, हरपाल सिंह शिक्षक, बलीराम राय, अनिल कंदेले, सुन्दर पटेल, सुमेर पटेल, उमाशंकर राय, बलराम मिश्रा, विपिन तिवारी, कमलेश ताम्रकार, राशु कंदेले, प्रिंस बिलैया, मुकेश विश्वकर्मा, मुकेश कंदेले, पंडित रामकेत शास्त्री, शिव शंकर दुबे, सुशील पाठक, मनोज पाटकर सहित बड़ी संख्या में श्रोताओं की उपस्थिति रही।

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